15/02/2019

मुहब्बत ज़ख्म है जन्नत मुहब्बत

At New Kashi Vishwanath in BHU.
मुहब्बत है ख़ुशी नफ़रत मुहब्बत 
मुहब्बत हार है हिम्मत मुहब्बत 

मुहब्बत की बड़ी बातें सुना हूँ 
मुहब्बत ज़ख्म है जन्नत मुहब्बत 




13/02/2019

जीवन भर हमरे साथ रह्यू

Memory of Chinmaya University

जीवन भर हमरे साथ रह्यू 
जीवन भर हमरे साथ रह्यू 

हमरे भइया भउजी अच्छे 
उनके सबके प्यारे बच्चे 
सब तोहका चाची मानत थीं 
फोटू देखतै पहिचानत थीं 
फोनवा पै हमसे कहत रहें 
हमहू मिलबै अब चाची से 
छोटकी बहिनी हमसे बोलीं 
बतियाइब नवकी भाभी से 
मम्मिउ तोहका अपनाय लिहीं 
पहिलेन ऊ लड्डू खाय लिहीं 
पापा का जइसेन खबर मिली 
अँखियन के तारा होय गयू 
हमरे घर मा सब अच्छे हैं 
जेतना मन चाहै पड्यू - लिख्यू 

जीवन भर हमरे साथ रह्यू 
जीवन भर हमरे साथ रह्यू 

ना चाही हो घोड़ा, हाँथी 
हमका चाही जीवनसाथी 
जेहिके साथे जीवन काटब 
आपन सुख - दुःख संग संग बाँटब 
लड़ि मरि के खाब - खियाइब सब 
सपना हम पूर कराइब सब 
दुनिया वालेन के काम अहै 
वै चिल्लइहैं, चिल्लाए द्या 
हरदम हम तोहरे साथ रहब 
उनका सबका तू जाये द्या 
ई वादा है हमार तुमसे 
आपन बियाह होई झम से 
दुनिया केतनीउ शैतान बनै 
केतनौ तुमका परशान करै 
हम जउन कही बस सुनत रह्यू 
छोड़िउ ना संगे - साथ बह्यू 

जीवन भर हमरे साथ रह्यू 
जीवन भर हमरे साथ रह्यू 

तोहरौ आपन बिचार होइहैं 
जे जगह - जगह पै समझइहैं 
मिलके जीवन - गति बढ़त रही 
सीढ़ी दर सीढ़ी चढ़त रही 
जेतनी उन्नति हम कइ पउबै 
ओतने ऊपर तोहका लउबै
तोहका हम आपन मान लेहे 
तोहका आखिर पहिचान लेहे 
बस हमहीं बोली ठीक नहीं 
बोला आखिर आजादि अहा 
हमरे घर आवै का तोहका 
अब पापा के औलादि अहा 
मन मा जब जउन रहै तोहरे 
कहि दिहू न ज्यादा कष्ट सह्यू 
ई कउनो नहीं जरूरी है 
हम जउन कही तू वही कह्यू 

जीवन भर हमरे साथ रह्यू 
जीवन भर हमरे साथ रह्यू 





09/02/2019

का हो दादा रामबचन

Goolge

का हो दादा रामबचन 

मूँछ तोहारौ फरिकै लाग 
देखा हम पानी मा आग 
जब से बेटवा अफ़सर होइगा 
भाव तोहारौ अब सर होइगा 
पैसा, गाड़ी, गहना माँग्या 
खाना, पीना , रहना माँग्या 
समधी के इक बाल न पूछ्या 
का बीतत है हाल न पूछ्या 
तोहका सब स्टंडर चाही 
तोहरेव बिटिया का बर चाही 
सुना ध्यान से जउन कहा सब 
बेटवा बेंचै जात अहा अब 

बिटिया से तू लइके धन 

तोहका एक सिकन्दर चाही 
खुला गगन ई अम्बर चाही 
कला, संस्कृति सीख्या नाही 
तोहका केवल नम्बर चाही 
काहे हरदम हड़कावत ह्या 
काहे ओहके गरियावत ह्या 
थोर से ओहके अबै जियै द्या 
घूमै,टहरै, खाय पियै द्या 
ज्यादा गरम करा न पारा 
माना तीर बहुत तू मार् या 
वहू के कुछ अभिलाषा होई 
कुछू बनै के आशा होई 

बेटवव के अब पढ़ ल्या मन

घर - दुवार के पता नहीं बा
बहुत फकीरी छाइ बाटै
जब आई बाबा के पेन्सन
बुवौ घरे पै धाई बाटै
जीवन नाही नरक होइ गवा
बाबौ का अब स्वरग होइ गवा
नहीं देखातै अब घर केहू
कपड़ा का अब धोवै रेहू
आँसू नाही खून चुवत है
बहुत गरीबी है, रोवत है
होली अउर दिवाली नाही
बिन पैसा घरवाली नाही

ओहके खातिर कउन चमन

पुलिस गाँव मा घुसी अहै अब
कउनो शायद चक्कर होइगा
जर - जोरू के बात करिन
दूनौ भाई मा टक्कर होइगा
मूड़ फुरौव्वल कइके राजू
दुइनौ अस्पताल मा बाटें
एक दिना मा करें लड़ाई
दुसरे दिन घर पतरी चाटें
होतै ठीक पुलिस घर धमकी
पइसा लइके ठोंकेस सोटा
बप्पा सर पै हाँथ रखे सोचैं
ई सिक्का खोंटा होइगा

नहीं बतावा ढ़ेर जतन

लागत है सठियात अहा तू
दिन पै दिन बौरात अहा तू
लरिकन के दौड़ावत बाट्या
मतलब बिना, थकावत बाट्या
ई लै आवा, ऊ लै आवा
कुछ ना कुछ तौ अबै खियावा
छिनभर मा तोहका सब चाही
नहीं बना अब एतना हाही
राम नाम तौ लिहा नही तू
दान - पुन्न कुछ किहा नहीं तू
गुस्सा नाक पै रखा नाही
बाट्या तू अब बच्चा नाही

जब देखा तानत थ्या गन










तेरे ना होने से होना मेरा कहाँ



तेरे ना होने से होना मेरा कहाँ 
तेरे ना होने से होना मेरा कहाँ 

लेकर चलना मुझे भी तू जाए जहाँ 
तेरे ना होने से होना मेरा कहाँ 

तुमको पलकों पे रखा हूँ शाम ओ सहर 
दिल में उठती तरंगें हैं , उठती लहर 
नीदें मेरी चुराने की क्या दूँ सज़ा 

दिल की धड़कन बढ़ाती है तू आजकल 
संग - संग रहना मेरे साथी तू साथ चल 
रखना मुझको भी हमदम, रहना जहाँ 


मैं गुज़रा हुआ ज़माना हूँ

Google 

तुम मुझे भुला ना पाओगी 
मैं किस्सा बहुत सुहाना हूँ 

मैं सदा तुम्हें याद आऊँगा 
मैं गुज़रा हुआ ज़माना हूँ  

फिर से आओ संसार - जियें 
फिर से आओ इक साथ चलें 
फिर नदियों में कलकल हो 
फिर से मन में कुछ हलचल हो 
मुझपे थोड़ा विश्वास करो 
फिर से आओ आगाज़ करो 

कल तक जो साथ तुम्हारे था 
देखो तो वही खज़ाना हूँ 

जब तक हम दोनों संग - संग हैं 
तब तक ये चाँद सितारे हैं 
जब तक संगम हम दोनों का 
बस तब तक ही ये प्यारे हैं 
अब पास महज़ कुछ यादें हैं 
जीवन की यही मुरादें हैं 

फुर्सत हो तो, आ जाना तुम 
मैं बन्दा वही पुराना हूँ 


08/02/2019

मेरी माँ का हाँथ मेरे सर रहता है

From Google

सबके सर पर इक - इक छप्पर रहता है 
वो दुखिया है शायद बेघर रहता है 

मैं बढ़ता हूँ इसमें नहीं अजूबा कुछ 
मेरी माँ का हाँथ मेरे सर रहता है 

एड़ी से चोटी तक ज़ोर लगाओ तुम 
हर पंक्षी के पास सुनो पर रहता है 

बाहर का माहौल बहुत ही बत्तर है 
जब तक बहन नहीं आये, डर रहता है 

मत घबराओ प्रिये ! तुम्हारी यादों का 
 इस दिल में मदमस्त - समन्दर रहता है 

06/02/2019

सुना लरिकवा करिया रहि गा

Me With My One Of Best Brother Manu Bhai 

सुना लरिकवा करिया रहि गा

सेन्ट मार के जाए ऑफिस 
फेरन - हन्डसम खूब चपोतिस 
रगरेस पूरा चेहरा आपन 
रोजै गरल - फ्रेंड के ख्वाहिस 
तनिकौ नहीं बदल पाएस ई 
जइसे रहल हौ, वइसे रहि गा   

सुना लरिकवा करिया रहि गा

हीरो बनबै कहत रहा ऊ 
घूमत,नाचत फिरत रहा ऊ 
चक्कर मारै गली - गली के 
प्यार मुहब्बत करत रहा ऊ 
पप्पा बोलेन माई से के, देख 
बेटवना तोहर बहि गा 

सुना लरिकवा करिया रहि गा

दारू, हुक्का, चिलम लगावै 
ऐय्यासी मा खूब लुटावै 
कहनी - करनी मा अंतर हौ 
रात - रात भर घरे न आवे 
कइसे लाई वापस ओहके 
नाही कउनो जरिया रहि गा 

सुना लरिकवा करिया रहि गा

मारै - पीटै महतारी के 
झरी लगावै ऊ गारी के 
उल्टा - सीधा बकत रहत है 
खात पियत है परा रहत है 
तनिकौ नहीं चलै पावै अब 
लरिका नाहीं लढ़िया रहि गा 

सुना लरिकवा करिया रहि गा

दादी जब - जब काम बतावें 
गुर्रावे ,संग आँख दिखावे 
दादा ओहके देख जरत हैं 
बोलें, काहे नहीं मरत है 
पूरा गाँव मोहल्ला बोले 
पेट गइल अब हड़िया रहि गा 

सुना लरिकवा करिया रहि गा



05/02/2019

मैं लिखता हूँ शब के साये में बैठा

BHU - Ruiya ( Sanskrit Blok )

वो कहता है उसको जहाँ झुकाना है 
मैं कहता हूँ मुझे दिलों तक जाना है 

सबका अपना - अपना यहाँ सफ़र यारों 
सबको अपनी - अपनी मंज़िल जाना 

मैं लिखता हूँ शब के साये में बैठा 
उनको अब्भी भी महफ़िल तक जाना है 

बच्चों को खुश रखते हैं पापा मेरे 
ज्ञानी हैं, फिर भी ज़ाहिल तक जाना है 

मैंनें  भी कुछ सोच रखा है जीवन में 
इस साहिल से उस साहिल तक जाना है 

भूखों की नज़र हर घड़ी रोटी पे रही है



आशिक की नज़र हर घड़ी चोटी पे रही है 
गिद्धों की नज़र हर घड़ी बोटी पे रही है 

मानो नहीं मानो मगर ये सत्य है साहब 
भूखों की नज़र हर घड़ी रोटी पे रही है 


04/02/2019

दिल की बात निकलकर बाहर आ जाए



बातें बोलो आँख सजल कर आ जाएँ 
झूमें नाचें और सम्हलकर आ जाएँ 

इतना प्यार करो, इतनी बेचैनी दो 
दिल की बात निकलकर बाहर आ जाए 

मौका दो  उसको, पूरी आज़ादी दो 
क्या मालूम संसार बदलकर आ जाए

इतना उन्हें खिलाओ, इतनी सेवा दो
बाबा सौ वर्षों तक चलकर आ जाएँ 


मेरी माँ सामने जब हो उदासी दूर रहती है

कन्हैय्या यशोदा और देवकी के साथ 

दवा लेता हूँ अक्सर और खाँसी दूर रहती है 
मुहब्बत गर हकीकत हो तो राशी दूर रहती है 

बहुत ही याद आती है तुम्हारी अब अकेले में 
 मेरी माँ सामने हो तो उदासी दूर रहती है 

जिसे मैं चाहता हूँ हे प्रिये! मैं नाम दे बैठा
 है इस दिल में, मग़र कॉलेज से थोड़ा दूर रहती है 

02/02/2019

कविता, नज़्मों, गज़लों सी बन जाती है



वो हँसती है मेरा दिल बहलाती है 
दिल की सारी बातें मुझे बताती है 

उससे बातें कर के मेरा दिन गुज़रे 
उसके फोटो संग रातें कट जाती हैं 

ज़िक्र हमारा करती बातों - बातों में 
बातों - बातों में परिचय दे जाती है 

Fb, Whats app, Insta ,Twitter सब पे है 
सबसे मुझको इश्क बहुत समझाती  है 

दिल की बातें वो भी कहना चाहे पर 
ना जाने क्यों कहने में शर्माती है 

दिन, तारीख़ महीना सबकुछ याद उसे 
इक मुद्दत से मुझको पढ़ती जाती है

छोटी - छोटी बातों पर लड़ती रहती
वो मेरी जीवन - साथी बन जाती है 

जब भी उसको लिखने बैठा सिद्दत से 
कविता, नज़्मों, गज़लों सी बन जाती है 


तुम्हें नसीब सोचता हूँ मैं




बहुत अजीब सोचता हूँ मैं 
उसे रक़ीब सोचता हूँ मैं

आज इज़हार करूँगा तुमको 
रोज़ तरक़ीब सोचता हूँ मैं 

बाँह में तुम बिखर गई मेरे 
तुम्हें हबीब सोचता हूँ मैं

एक तुम हो, हसीन जीवन है 
मुझे, अमीर सोचता हूँ मैं 

सीखता हूँ मैं बारहाँ तुमसे 
तुम्हें अदीब सोचता हूँ मैं

आज सबकुछ मेरे तुम्हीं तुम हो
तुम्हें नसीब सोचता हूँ मैं 








29/01/2019

बातों - बातों में गज़ले बन जाती हैं

Neel

बातों - बातों में घर तक आ जाती है 
बातों - बातों में दुनिया बन जाती है 

बातों - बातों में निकले हैं शे'र कई 
बातों - बातों में गज़ले बन जाती हैं 

बातों - बातों से दुश्मन बढ़ते जाते 
बातों - बातों में संधि हो जाती है 

बातों - बातों में बहनों से प्यार हुआ 
बातों - बातों में मुझको पा जाती हैं 

बातों - बातों में वर्षा की बात चली 
बातों - बातों में बारिश हो जाती है 

बातों - बातों में माँ नें थप्पड़ मारा 
बातों - बातों में ही खुद रो जाती है 

बातों - बातों में सपनों नें रुख़ बदला 
बातों - बातों में किस्मत बन जाती है 

बातों - बातों में मेरी जाने - जाना 
बातों - बातों में मुझको बहलाती है 

बातों - बातों में जीवन कट जाता है 
बातों - बातों में यादें रह जाती हैं 

28/01/2019

" नील " तमाशेबाज़ नहीं है, दर्पण है



Akanksha Joshi

ना जाने क्यों आज बहुत वो बेमन हैं 
उनको कोई छोड़ गया है, उलझन है 

मेरा अब तक दुश्मन नहीं बना कोई 
उनकी ख़ातिर पूरी दुनिया दुश्मन है 

जितनी माँग हुई थी, वो न दे पाए 
शादी में उखड़ी - उखड़ी सी समधन है 

सबकुछ छोड़ सकूँ तुझको कैसे छोड़ू 
तू ही तो मेरी बहना! जीवन - धन है 

इक अर्शे के बाद सही उस तट जाओ 
मुक्ति मिल जायेगी प्यारे! संगम है 

पूरी दुनिया मुझको सुन्दर दिखती है 
इस पल मेरे साथ, हमारी हमदम हैं 

तुमको हँसना है मुझपे, हँसते रहना 
" नील " तमाशेबाज़ नहीं है, दर्पण है 

22/01/2019

किसी पे आ गया जो दिल तो मुहब्बत कीजे

Neel At Chinmaya Vishwavidyapeeth

तमाशाई बहुत हैं लोग मगर क्या कीजे
किसी पे आ गया जो दिल तो मुहब्बत कीजे 

हौंसलों में उड़ान भर के आसमाँ चूमूँ 
मेरे हिस्से की आज फिर से इबादत कीजे 

छोड़ देते हैं सब, हमराज़ नहीं है कोई 
खुद ही, खुद को सदा ख़ुश रखने की आदत कीजे 

मुझे जो बोलना है बोल, मग़र प्यारे सुन 
नहीं परिवार को कुछ कहने की जुरअत कीजे 

पाक - ए -हिज्राँ की नज़र है जो बढ़ रहा हूँ मैं 
छोड़ भी दीजिये अब यूँ नहीं कुर्बत कीजे 

काम करना है अगर देख कभी सड़कों पर 
अपने इस मुल्क के बच्चों की हिफ़ाजत कीजे 

छोड़कर द्वेष, भेदभाव सभी आज यहाँ 
सारा संसार मिलाकर इसे भारत कीजे 


पाक - ए -हिज्राँ - विरह का पवित्र दुःख 
कुर्बत - निकटता , सामीप्य 

21/01/2019

मैं तुम्हारा था ,तुम्हारा हूँ , तुम्हारा ही रहूँगा

Neel At Panjabi Dhaba In Kerala.

जिन्दगी की कश्मक़श में उलझनें 
आती हैं लेकिन 
उलझनों से भागना सीख़ा नहीं मैंने 
कभी भी 
जब तलक हैं प्राण, हैं साँसें 
मुक़म्मल जिन्दगी है 
तब तलक मैं भी तुम्हारा साथ 
देता ही रहूँगा 

मैं तुम्हारा था ,तुम्हारा हूँ , तुम्हारा ही रहूँगा 

तुम हजारों क्या करोड़ों लो 
परीक्षाएँ हमारी 
या मुझे दे दो अभी से आप 
अपनी ज़िम्मेदारी 
मैं तुम्हें उन चाँद - तारों तक नहीं ले 
जाऊँगा पर 
मैं तुम्हें नज़्मों में अपने घोलकर
ऐसे कहूँगा 

मैं तुम्हारा था ,तुम्हारा हूँ , तुम्हारा ही रहूँगा 

इश्क क्या है क्या मुहब्बत और ये 
नफ़रत भला क्या 
तुम हमारे पास हो जब तो कहो 
सोहरत भला क्या 
मानता हूँ मैं मुकम्मल इश्क का 
लम्बा - सफ़र है 
तुम जिधर बहती रहोगी मैं उधर 
बहता रहूँगा 

मैं तुम्हारा था ,तुम्हारा हूँ , तुम्हारा ही रहूँगा

तुम नहीं चिन्ता करो बस साथ
यूँ देती रहो तुम
हाँथ से अपने सदा ये हाँथ
भर देती रहो तुम
ये भरा संसार दुःख देता रहा
सदियों तलक
मैं भरे संसार का दुःख छोड़कर
आगे बढूँगा

मैं तुम्हारा था ,तुम्हारा हूँ , तुम्हारा ही रहूँगा

चाहतें इतनी हमारी संग तुम्हारे
घूम लूँ मैं
तुम मुझे यूँ देखती जाओ तुम्हें
अब चूम लूँ मैं
और फिर इन मुट्ठियों में हो भरा
संसार अपना
खूबसूरत ज़िन्दगी संग खूब मैं
सपनें गढ़ूँगा

मैं तुम्हारा था ,तुम्हारा हूँ , तुम्हारा ही रहूँगा

09/01/2019

मेरी धड़कन में तेरी धड़कन है

Pic from google " Vivah Movie "

मेरी धड़कन में तेरी धड़कन है 
मेरी आँखों में तेरा चेहरा है 
मेरे लफ्जों में तेरी बातें हैं 
मुझे लगता है प्यार गहरा है 

जिस्म क्या रूह तक मेरी छू लो 
मुझमें खो जाओ ये जहाँ भूलो 
इश्क़ में है खुदा खुदाई भी 
इश्क़ में प्यार है जुदाई भी 

तुम न आ पाये आज फिर मिलने 
मुझे लगता है घर पे पहरा है 

मेरी धड़कन में ...... 


ये है चिन्मया परिवार

Chinmaya Family 


ये है चिन्मया परिवार, ये है चिन्मया परिवार 
जिनके उच्च - विचारों से तर जाता है सारा संसार।।

ये है चिन्मया परिवार ..... 

जीवन का दर्शन सिखलाए, मन के सारे द्वंद्व मिटाये 
गीता, वेद और उपनिषदों का जो सारतत्व समझाये 

मानों जीवन की गहराई पर फलते हों शुद्ध - विचार 

ये है चिन्मया परिवार ..... 

प्राचीन - अर्वाचीन मिलाकर, प्राची और प्रतीची पाकर 
गुरुजन ज्ञान बाँटते प्रायः, हम सब शिष्यों को समझाकर 

जैसी उत्तम - प्रकृति यहाँ कि वैसे ही शिक्षक का प्यार 

ये है चिन्मया परिवार ..... 

जीवन क्या है वही बतायें, स्वामी जी शुभ - राह दिखाएँ 
चिड़िया चहकें, कोकिल कूँकें, मद्धम धीमी बारिश आये 

ऐसा दिव्य, मनोहर, पावन है ये शंकर का घर - द्वार 

ये है चिन्मया परिवार ..... 

हिल - मिलकर रहते हैं सारे, प्यारे बच्चे सभी यहाँ रे   
जैसे उपवन में हों फूल, कई तरह के न्यारे - न्यारे 

सुन्दर - धरती पर ये स्वर्गरूप है ईश्वर का उपहार 

ये है चिन्मया परिवार, ये है चिन्मया परिवार 
जिनके उच्च - विचारों से तर जाता है सारा संसार।।

ये है चिन्मया परिवार .....


Chinmaya Vishwavidyapeeth


04/01/2019

इश्क का भी कोई ठिकाना ना

Serial & Film Writer at Bollywood - Prabhat Bandhulya  Bhaiya 


इश्क काफ़िर है, मेरे जैसा है 
इश्क का भी कोई ठिकाना ना 

आँख में प्यार नहीं है उसके 
आँख में है महज़ फ़साना ना 

गलतियाँ उसने मेरे सर रख दी 
और कुछ था नहीं बहाना ना 

इश्क के बाद हूँ मैं दर्शन में 
यार अब फ़िर करीब आना ना 

चलो कुछ तो बचा है जीने को 
और अब आग तुम लगाना ना 

प्यार कर गीत, ग़ज़ल, कविता लिख 
प्यार में है बहुत ख़ज़ाना ना 

बोलता है तो लोग सुनते हैं 
शे'र ही बोल, ग़ज़ल गाना ना 

"नील"आखिर कहाँ तू जाएगा 
क्रूर हैं लोग, ये ज़माना ना   

रामराज कै रहा तिरस्कृत रावणराज भले है!

देसभक्त कै चोला पहिने विसधर नाग पले है रामराज कै रहा तिरस्कृत रावणराज भले है ।। मोदी - मोदी करें जनमभर कुछू नहीं कै पाइन बाति - बाति...