10/10/2018

कइसन - कइसन खेल देखावेला ईश्वर

Neel

कइसन - कइसन खेल देखावेला ईश्वर
खुद ही जन्मे , खुदै मुआवेला ईश्वर

का तोहके बतियाई कुछ तुहूँ समझा
ईश्वर के ही नाच नचावेला ईश्वर

देखनी करम करत जेनहन के बचपन से
ओनहन के न बड़ा बनावेला ईश्वर

सुन ला " मँगरू " हाँथ नही हौ कुछ तोहरे
खुदै रोवावे , खुदै हँसावेला ईश्वर

का हो ईश्वर आँधर हौ कि बहिरा हौ
लइकन के हर घड़ी सतावेला ईश्वर 

08/10/2018

उसी में आज रावण देखता हूँ


अधूरा आज सावन देखता हूँ 
कि बस बादल लुभावन देखता हूँ 

जिसे कहता रहा मैं रोज़ ईश्वर 
उसी में आज रावण देखता हूँ 

जितने में तुम रहते हो उतना तो साफ रखो यारों

Neel

जो करते हो , जितना भी उसमें इन्साफ रखो यारों
जीतोगे तुम भी इक दिन ऐसा विश्वास रखो यारों

कुत्ते भी जब बैठे हैं तो पूँछ - झाड़कर बैठे हैं
जितने में तुम रहते हो उतना तो साफ रखो यारों

घर का कूड़ा - कचरा सारा बच्चों संग भिजवाते हो
गंगा में मत छोड़ो उसको अपने पास रखो यारों

कुण्ठित - मन हो गया तुम्हारा माँ को गाली देते हो
कुछ अच्छे पण्डित बुलवाओ घर पर जाप रखो यारों 

मुझे माफ करना पापा

Neel

मुझे माफ करना पापा
मैं अपनी जिन्दगी
एक भरी हुई पेन
और सादे कागजों
के साथ गुजारना चाहता हूँ

मुझे माफ करना
उन सभी सपनों के लिए
जो आप मेरे लिए या मुझको लेकर
देख रहे हैं

मुझे माफ करना पापा
पर मैं सच - सच कहूँ तो
मेरा कोई इन्ट्रेस्ट नही है
मेरे स्लेबस की इन मोटी - मोटी किताबों में
दिन - दिन भर के लेक्चरों में
और इस झूठी शानो - शौकत में

मैं अब और नहीं इनमें बर्बाद करना
चाहता आपका पैसा और अपना समय

मुझे मालूम है आपकी एक बिन ब्याही बेटी
भी अभी है ,
और आपकी नौकरी कोई सरकारी नहीं
और ना ही उतनी खेती है
अब मैं आपकी सहायता और अपनें सपनों को
पूरा करना चाहता हूँ ,
जिन्हें मैं अपनी खुली आँखों से
हर घड़ी देखता हूँ पापा

मेरी कोई अभिलाषा नही
सरकारी प्रोफेसर, लेक्चरार या अध्यापक बनने की

अब मैं पढ़ना चाहता हूँ
जीवन की वो किताबें जिसमें सच को मैं
सामने से देख सकूँ

महसूस करना चाहता हूँ
जीवन के हर एक चैप्टर को बिल्कुल करीब से
जिनसे अभी तक आपनें मुझे अनभिज्ञ रखा

मुझे मालूम है रास्ता बहुत ही कठिन है
मेरी मन्जिल का
पर मैं लड़ना चाहता हूँ पापा
लड़कर मरना चाहता हूँ
कभी - कभी
हर विषय में समझौता करना अच्छा नही होता

मुझे माफ करना पापा
मैं अपनी जिन्दगी
एक भरी हुई पेन
और सादे कागजों
के साथ गुजारना चाहता हूँ

मुझे माफ करना पापा
मुझे माफ करना ।



06/10/2018

महज़ दिखाना लगा रहा

Neel

झूठी - मूठी इस दुनिया का
ताना - बाना लगा रहा

शानों - शौकत में खोए थे
महज़ दिखाना लगा रहा

मक्कारी बेमानी चार सौ बीसी
सबकी दिखती है
कुछ कह के देखो इनको
बत्तीसी सबकी दिखती है

खींच - तान के इधर - उधर से
महज़ कमाना लगा रहा

लड़की - लड़कों की बातें
दिन भर बतियाया करते हैं
मैडम के छत आते ही
सर भी छत आया करते हैं

इधर - उधर की बातों में
बस समय बिताना लगा रहा

बेवकूफ है इंकलाब का नारा
लेकर क्या होगा
क्या गीता , क्या भारत
चाँद - सितारा लेकर क्या ह

तू पीछे रह गया " नील "
ये गज़ब जमाना लगा रहा 

01/10/2018

Lyrics

Neel

तेरी साँसों से हवा चलती है
चाँद चेहरे से बना है तेरे

मेरी आँखों में अगर देखे तू
देख लेगी सभी सपने मेरे

इतना चाहूँ तुझे कहूँ कैसे
तेरे दीदार बिन रहूँ कैसे
किसी उड़ते हुए पंक्षी की तरह
उड़ते रहते विचार हैं तेरे

दूर भी है बहुत तू पास भी है
गुज़रे लम्हों के वो एहसास भी हैं
दूरियों को समेट लेता हूँ
देख कितने करीब है मेरे


बदन में फूल है या फूल ही बदन है तेरा

Neel

जितना हम कह रहे उससे भी पाक मन है तेरा
होंठ में कंपकपी , मदहोश ये यौवन है तेरा

तेरे आते ही महक उठता है ज़र्रा - ज़र्रा
बदन में फूल है या फूल ही बदन है तेरा

खूबियाँ क्यों न कहूँ उसकी वो दिखती ऐसी
जमीं पे उतरा हुआ चाँद सा सनम है तेरा

रोज़ कहता है कि तस्वीर बदल दूँगा मैं
मुझे दिखता नही ऐसा कहाँ चमन है तेरा

सोंचती क्यों है ये इक तू ही तड़पती धरती
पूँछ उससे कभी क्या हाल ये गगन है तेरा

तेरी आवाज़ है श्रीहर्ष की दमयन्ती सी
युँ ही गाती रहो प्यारा बहुत भजन है तेरा 

29/09/2018

मुबारक हो तुझे रमजान तेरा

Neel
बहुत ही हो रहा सम्मान तेरा
किताबों से बढ़ा अभिमान तेरा

स्वयं की आत्मा को जान ले तू
यही सबसे बड़ा है ज्ञान तेरा

हकीकत की जमीं पर देख आके
सफल हो जाएगा अभियान तेरा

लड़ाई धर्म है तो छोड़ता हूँ
बहुत खतरे भरा परिणाम तेरा

गले मिलते रहो इक दूसरे से
मुबारक हो तुझे रमजान तेरा

निकलता ही नही है देखने को
बहुत ही क्रूर है भगवान तेरा




26/09/2018

बगल बैठल हँई भइया के साली

Neel
कहानी आ रहल बा प्रेम वाली 
चटक चेहरा पे दमके होंठ - लाली 

हँसावेली करेली गुदगुदी ऊ 
बगल बैठल हँई भइया के साली 

लगे सूरुज नियन हम का बताई
चोंधावता सुनहली कान - बाली

भँवर के काम हौ मड़राइ हैं सन
कहा कब ले बचाई फूल - माली 

नहीं मन दोस्तन के बिन लगेला 
कि जब तक होय ना दू - चार गाली 

चलल बाड़न उहौ अब राज थाम्हें
हवन राजा मगर दिमाग खाली 

बहुत मन खुश भइल बा आज हमरो
हमर माई जे खइली भर के थाली


कदम बढ़ते हैं मेरे पर मेरा मन बढ़ नही पाता

Neel
बहुत डरता हूँ मैं ऊँचाइयों पर चढ़ नही पाता 
बनाना चाहता हूँ मैं बहुत पर गढ़ नही पाता 

मेरा दीमाग खाली है मैं औरों को पढूँगा क्या
मैं जितना चाहता हूँ खुद को उतना पढ़ नही पाता 

सुनो पापा! न जाने डर कहाँ से आ गया भीतर 
कदम बढ़ते हैं मेरे पर मेरा मन बढ़ नही पाता 

नदी चुपके से आ पूछी समन्दर क्यों उछलता है 
नदी ! सुन बिन तेरे मैं भी किसी से लड़ नही पाता 

पता मेरा कोई आवाज मुझसे पूछती अक्सर
बताना चाहता हूँ मैं, मगर वो घर नही पाता 

25/09/2018

उन्हें कह दो भरम ये सच नहीं है

Me With My Heart
हमारे पास यारों कुछ नही है 
उन्हें जो चाहिए सचमुच नहीं है 

वो कहती हैं उन्हें मैं देखता हूँ
उन्हें कह दो भरम ये सच नहीं है 

बहुत से लोग अब भी सो रहे हैं 
कोई हमदर्द या रक्षक नही है 


24/09/2018

हिजड़े जनम लिए हैं हिन्दोस्तान में

Neel
आती नहीं है नींद उन्हें इस मकान में 
वो घर बनाने जा रहे हैं आसमान में 

गैरों से कभी हमको मुहब्बत नही हुई 
अपना कोई नही था मेरा इस जहान में 

कैसे भला पूरी हों मनोकामनाएँँ आज 
सेल्फी सहित हैं लोग अब पूजा - अज़ान में

लोगों में जिसे खोजता रहा मैं आज तक 
वो सच सही दिखा मुझे जाकर श्मशान में

डर - डर के जिए जा रही हैं नारियाँँ यहाँ
हिजड़े जनम लिए हैं हिन्दोस्तान में 

22/09/2018

शुभ जन्मदिन तुम्हारा, ये जन्मदिन तुम्हारा


Shraddha
शुभ जन्मदिन तुम्हारा, ये जन्मदिन तुम्हारा
शुभ जन्मदिन तुम्हारा, है जन्मदिन तुम्हारा 

ऐसे प्रगति का परचम लहराओ प्यारा - प्यारा
शुभ जन्मदिन तुम्हारा, ये जन्मदिन तुम्हारा 

डरना नही किसी से , न भयभीत कभी हो 
जिस राह पे बढे़ तू बस जीत तेरी हो 
कठिनाइयों मेंं बढ़ना है कर्मदिन तुम्हारा 

शुभ जन्मदिन तुम्हारा, ये जन्मदिन तुम्हारा 
शुभ जन्मदिन तुम्हारा, है जन्मदिन तुम्हारा 

तुम जो भी हो जैसे भी हो मुझको भले लगे
सब नेक आदमी हों जो भी तुम्हें मिलें
इन्सानियत को पढ़ना है मर्मदिन तुम्हारा 

शुभ जन्मदिन तुम्हारा, ये जन्मदिन तुम्हारा 
शुभ जन्मदिन तुम्हारा, है जन्मदिन तुम्हारा 

खुशियाँ बटोर लो सब , उल्लास मनाओ 
आशीष लो बड़ो से छोटों को सिखाओ 
करना भजन जरा सा है धर्मदिन तुम्हारा 

शुभ जन्मदिन तुम्हारा, ये जन्मदिन तुम्हारा 
शुभ जन्मदिन तुम्हारा, है जन्मदिन तुम्हारा 
ऐसे प्रगति का परचम लहराओ प्यारा - प्यारा
शुभ जन्मदिन तुम्हारा, ये जन्मदिन तुम्हारा 

पंख नहीं कतरो मुझको उड़ जाने दो

Nandiny Y
पंख नहीं कतरो मुझको उड़ जाने दो
भइया मुझको सपनों से जुड़ जाने दो

जितनी कठिनाई आएँगी सह लूंगी मैं
हवा तेज बहनें दो संग - संग बह लूंगी मैं

रोकों मत मुझको सबसे लड़ जाने दो

सबपे वार करूंगी सबको देखूंगी मैं
उठकर - गिरना गिरकर - उठना सीखूंगी मैं

मुझको ऊँँचे पर्वत पर चढ़ जाने दो

जग को दिया दिखाऊँँ जग रौशन कर जाऊँँ
किसी के सपनों का मैं घर - आँँगन बन जाऊँँ

ऐसे ही इन राहों पे बढ़ जाने दो

पंख नहीं कतरो मुझको उड़ जाने दो
भइया मुझको सपनों से जुड़ जाने दो

कुछ खोना पड़ेगा तुम्हें कुछ पाने कि खातिर

Neel
कुछ खोना पड़ेगा तुम्हें कुछ पाने कि खातिर
दुनिया को दिखा सच उन्हें समझाने कि खातिर


इतना नहीं अमीर कि खुशियाँँ तुझे मिले
खुशियाँँ तुझे मिले कि ये दुनिया तुझे मिले

तुमको मैं साथ रखता हूँँ जी पाने कि खातिर

दुख में दिखे हैं लोग न जाने क्यूं इस कदर
मिलना - बिछड़ना सत्य है जीवन है इक सफर

ऐसे न जनम ले यहाँँ मर जाने कि खातिर

ये लोग एक हों करें इक - दूजे का सहयोग
जब तक रहूँँ, जहाँँ रहूँँ, हंसते ही रहें लोग

जीवन मिला है खुशियों को फ़ैलाने कि खातिर

पागल हूँँ मैं मूरख नहीं आता है मुझे कुछ
जादू दिखा कोई के चमक जाऊँँ मैं सचमुच

तुम साथ रहो मन मेरा बहलाने कि खातिर

कुछ खोना पड़ेगा तुम्हें कुछ पाने कि खातिर

दुनिया को दिखा सच उन्हें समझाने कि खातिर
कुछ खोना पड़ेगा तुम्हें कुछ पाने कि खातिर

20/09/2018

मुहब्बत है , किसी के बाप की जागीर थोड़ी है

Neel

जफ़र कोई नहीं ,ग़ालिब यहाँ अब मीर थोड़ी हैं
जो उसनें लिख रखी उतनी मेरी तकदीर थोड़ी है

खुले दिल से सभी के सामने भर - भर लुटाऊँगा
मुहब्बत है , किसी के बाप की जागीर थोड़ी है

हुआ है क्या तुम्हें क्यों आजकल दहशत में दिखते हो
उठाया लेखनी हूँ ये कोई शमशीर थोड़ी है

तुम्हें बदला करूँ इसकी कभी नौबत नहीं आती
हमारे दिल में मूरत है ,कोई तस्वीर थोड़ी है

बहुत ही ख़ूबसूरत हैं इन्हें काजल लगा के रख
तेरी आँखें समन्दर हैं ये खञ्जर ,तीर थोड़ी हैं

मेरी बहना बनाकर रेशमी धागा मुझे बोली
बँधा लो ये कवच है कोई ये जंजीर थोड़ी है

भरम को छोड़ दे अपने कयासों को बचाकर रख
महज़ तू " नील " है शहरूख़ या रणवीर थोड़ी है 

किसी माँ बाप के सर बेटियाँ भारी नहीं होती

Daughters Day

मुहब्बत में तुम्हारे गर अदाकारी नहीं होती
सही कहता हूँ हम दोनों में यूँ यारी नहीं होती

इशक के नाम पर बकवास करते लोग अक्सर हैं
मुहब्बत की तनिक उनमें समझदारी नहीं होती

नहीं छेड़ो युँही इन माँओं बहनों प्रेमिकाओं को
हमारे घर की हैं इज्ज़त ये सरकारी नहीं होती

सुनो मारो नहीं इनको जनम लेने से पहले तुम
किसी माँ बाप के सर बेटियाँ भारी नहीं होती

छुपाकर बेटियों को मैं रखूँ कातिल जमाने से
मगर मजबूर हूँ ऐसी भी अलमारी नहीं होती

सुबह उठकर मेरी दादी निकलती फूल चुनने को
अहद !मेरे जमाने में तो फुलवारी नहीं होती 

16/09/2018

छोड़कर तुमको नहीं जाऊँगा मैं उस पार बहना

Stop Rape

छोड़कर तुमको नहीं जाऊँगा मैं उस पार बहना
वहसियों से भर गया है ये भरा संसार बहना

यातनायें जो मिलेंगीं हम सहेंगें साथ में
पर नहीं होंगे अकेले हम जियेंगें साथ में
हों भले दो - चार रोटी उसमें भी सूखी सही
भूख थोड़ी तो मिटेगी एक दिन भूखी सही

भूख में जीना कठिन पर ,छोड़ना दुश्वार बहना

कंपकपांता हूँ ,अकेले भेजकर तुमको सदा
प्रार्थना करता हूँ मैं नित, हों नहीं हम तुम जुदा
क्या कभी डरते नहीं दिखती नहीं मूरत उन्हें
क्या कभी दिखती नहीं मासूम सी सूरत उन्हें

कौन किस पल क्या करेगा किसका क्या आचार बहना

मर मिटूँगा छोड़कर तुम यूँ चली जाओगी तो
जिन्दगी की रौशनी तुम यूँ मिटा जाओगी तो
प्यार से होती लड़ाई पास जब रहता हूँ मैं
ये कलाई सूनी रह जाँएगी सच कहता हूँ मैं

व्यर्थ हो जायेगा ये रक्षा का शुभ त्यौहार बहना

इस धरा रखते कदम ही खा गये वहसी उसे
एक छोटी सी परी थी ले गये रहसि उसे
और फिर क्या - क्या हुआ मैं कह नहीं पाऊँगा सब
खून मेरा खौलता है याद आ जाती है जब

सोंच भी सकता नहीं मैं क्रूर वो व्यापार बहना

शब्द से मैं क्या कहूँगा वो घनी पीड़ा मगर
शून्य हो जाता हूँ  मैं आँसू निकलते फूटकर
सोंचता हूँ कौन से स्वातंत्र्य हैं हमको मिले
पूँछता हूँ कौन से संस्कार में हैं हम पले

ये वही भारत जहाँ पलते बहुत संस्कार बहना

छोड़कर तुमको नहीं जाऊँगा मैं उस पार बहना
वहसियों से भर गया है ये भरा संसार बहना

  

डरना छोड़ो, लड़ना सीखो


Salutations

जीवन की हर विषम परिस्थिति में
प्यारे कुछ करना सीखो ,
डरना छोड़ो, लड़ना सीखो

एक - एक कर ख़त्म हुए सब
जहाँ से जो थे गये वहाँ सब
आग लगे या पत्थर बरसें
तूफानों में बढ़ना सीखो

जीवन की हर ........

मन को सदा जिताकर रखो
इन्द्रिय को समझाकर रखो
जितनी ऊँची रहे चढ़ाई
उस चोटी पे चढ़ना सीखो

जीवन की हर ........

अपनों को समझाते जाओ
ग़ैरों को अपनाते जाओ
अभिमानी आदत छोड़ो अब
ज़रा मुहब्बत करना सीखो

जीवन की हर ........

आओ युवा शक्तियों आओ
जीवन में अनुशासन लाओ
भारत को इक नई दिशा दें
उस साँचे में ढ़लना सीखो

जीवन की हर विषम परिस्थिति में
प्यारे कुछ करना सीखो ,
डरना छोड़ो, लड़ना सीखो






15/09/2018

तुमको आगे आना होगा


जहाँ कहीं मन रोंके तुमको
तुमको उसे मनाना होगा

जीवन की हर कठिनाई में
तुमको आगे आना होगा

जहाँ शराबों और शबाबों में
मदमस्त युवा हो जाएँ
जहाँ गली ,चौराहे नुक्क्ड़ का
हर खेल जुआ हो जाए

ऐसे वर्तमान को स्वामी
दिशा दिखाने आना होगा

जहाँ कहीं मन ........

बढ़ो अकेले ,साथ न हो जब
रुको मनन , चिन्तन के ख़ातिर
अंधेरों में दीप जलाओ
मिटते अन्धकार हैं आख़िर

उठो , बढ़ो इन लोगों से अब
तुमको देश बचाना होगा

जहाँ कहीं मन.........

होगा ये जग रौशन तुमसे
ऐसी सोंच बनाकर रखो
धीरे - धीरे तजो बुराई
अच्छाई अपनाकर रखो

ऐसे ही इस जीवन को कुछ
आत्मबोध सिखलाना होगा

जहाँ कहीं मन रोंके तुमको
तुमको उसे मनाना होगा

जीवन की हर कठिनाई में
तुमको आगे आना होगा

रामराज कै रहा तिरस्कृत रावणराज भले है!

देसभक्त कै चोला पहिने विसधर नाग पले है रामराज कै रहा तिरस्कृत रावणराज भले है ।। मोदी - मोदी करें जनमभर कुछू नहीं कै पाइन बाति - बाति...